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रॉकमेल्ट ब्राउज़र : फ़ेसबुकिया वेब की पराकाष्ठा?

रॉकमेल्ट सोशियल वेब की दुनिया के लिये बना तंत्रांश नहीं, पूरा का पूरा ब्राउज़र है

सोशियल ब्राउज़र की शुरूआत मोजिल्ला आधारित फ्लॉक ब्राउज़र से हुई थी जिसमें ब्राउज़र में ही ब्लॉगिंग की तमाम सुविधाएँ मौजूद थी। सामयिकी संपादक रविशंकर श्रीवास्तव मानते हैं कि रॉकमेल्ट ब्राउज़र उससे भी एक कदम आगे है।

Jan 19th 2011, 5

गुमनामी में बहुत खुश हूँ: फ़ेक आईपीएल प्लेयर

January 23, 2010 | 2 Comments

image FIP वापस आ रहा है, पर क्या यह दोबारा इतिहास रचेगा या फिर बीसीसीआई या दूसरों के साथ कानूनी विवादों में गुम होकर रह जायेगा? पढ़िये 'ग्रेट बाँग' अर्नब रे द्वारा लिया साक्षात्कार। लेख पढ़ें »
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रोजगार पोर्टल पहुंचे गाँव देहात

November 23, 2009 | 1 Comment

image भले यह बात अकल्पनीय लगे पर खास ग्रामीण भारत के लिए रोजगार जुटाने वाले जॉब पोर्टल न केवल सफलतापूर्वक चल रहे हैं बल्कि मुनाफा भी कमा रहे हैं। लेख पढ़ें »
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नटाल: माइक्रोसॉफ़्ट का नया गेमिंग आविष्कार

January 15, 2010 | 1 Comment

image अगर आपके विडियो गेम से गेम नियंत्रक या वायरलेस रिमोट कण्ट्रोल हटा दें या फिर ये गेम खेलना मैदान में खेलने जैसा ही बन जाये तो कैसा हो? पढ़ें विनय जैन का आलेख। लेख पढ़ें »
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दर्पण मेरे यह तो बता

February 1, 2009 | 1 Comment

image NDTV ने ब्लॉगर पर डाली कानूनी नकेल, ग्लोबल वार्मिंग के घपले की कहानी और सोशियल मीडिया कंसल्टेंट ही नष्ट कर रहे हैं सोशियल मीडिया को? यह, और भी बहुत सारी इतवारी कड़ियाँ बतायें अंतर्जाल का हाल। लेख पढ़ें »
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खगोल विज्ञान से बढ़ेगी प्रगति

January 26, 2009 | Leave comment

image अंतर्राष्ट्रीय खगोल विज्ञान वर्ष 2009 के उपलक्ष्य में सामयिकी की विशेष श्रृंखला के पहले लेख में दक्षिण अफ्रीकी अंतरिक्ष वैज्ञानिक केविन्द्रन गोवेन्देर बता रहे हैं कि किस तरह खगोल विज्ञान का निर्धन राष्ट्रों में विकास एवं प्रसार उनकी सामाजिक-आर्थिक व्यवस्था के विकास में सहायक सिद्ध हो सकता है। लेख पढ़ें »
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भइया नक्को, बहिनजी पाहिजे

January 7, 2009 | 5 Comments

image महाराष्ट्र की राजनीति में दलित मुद्दे का मराठी-गैर मराठी मुद्दे से महत्त्व कम नहीं है। बसपा यहाँ पवार, ठाकरे, चव्हाण जैसों का दबदबा खत्म कर सकती है। लेख पढ़ें »
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ग्रामीण भारत की बदलती नारी

December 28, 2009 | 3 Comments

image बीते 20 सालों में कुछ ग्रामीण औरतों ने घर के दायरे से बाहर निकल, पंचायती राजनीति में कदम रख ग्रामीण भारत को बदलने की कोशिश की है। उन्हीं की कथायें है "सरपंच साहिब" में। पढ़िये डॉ सुनील दीपक की समीक्षा। लेख पढ़ें »
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क्यों स्लमडॉग मिलियनेयर मुझे प्रभावित न कर सकी?

February 3, 2009 | 6 Comments

image गंदी बस्ती के एक लड़के की रंक से राजा बनने के कथा पर बनी डैनी बॉयल की फिल्म हिट बन चुकी है। सौतिक बिस्वास सवाल उठा रहे हैं कि क्या सचमुच ये फिल्म एक ''मास्टरपीस'' है, जैसा कि इसे बताया जा रहा है। लेख पढ़ें »
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साबुनी रंगभूमि का रियैलिटी सम्मोहन

March 7, 2009 | 1 Comment

image दक्षिणी मुंबई की आलीशान इमारतों के बीच बसे इस साबुनी घाट में वो सारे तत्व हैं जो इस शहर को महानगर बनाते हैं। लेख पढ़ें »
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