विज्ञान

भारत में आधुनिक समुद्र विज्ञान के जनक

देश में समुद्रविज्ञान अध्ययन के कर्णधार थे अमरीका से भारत आये प्रोफेसर लाफाण्ड और पद्मश्री डॉ एन.के.पणिक्कर

1960 के दशक के अन्तर्राष्ट्रीय हिन्द महासागर अभियान के दौरान की गईं खोजों और उनसे प्राप्त परिणामों ने भूवैज्ञानिक सिद्धांतों और संकल्पनाओं में क्रांति ला दी और देश में समुद्रविज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान की नींव रखी।

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सब तक बात पहुंचाने का माध्यम है हिन्दी

January 17, 2009 | 5 Comments

image भारतीय रेल में कार्यरत अधिकारी हर्ष कुमार द्वारा निर्मित निःशुल्क ट्रू टाईप फाँट शुषा खासा लोकप्रिय फाँट है जिसने भारतीय भाषाओं को इंटरनेट व डेस्कटॉप प्रकाशन तक पहुंचाने में योगदान दिया। हर्ष से सामयिकी की बातचीत। लेख पढ़ें »
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प्रिंट आन डिमांड से लेखक प्रकाशक भी बने

March 27, 2009 | 3 Comments

image प्रिंट आन डिमाँड सेवा द्वारा सेल्फ पब्लिशिंग अब केवल व्यक्तिगत वैनिटी प्रकाशन नहीं रहा। ईबुक्स के युग में अब प्रकाशक भी इस तकनीक का महत्व समझने लगे हैं। लेख पढ़ें »
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नया तकनीकी विश्व रचेगा भारत

December 25, 2008 | 5 Comments

image इस उभरती दुनिया के लिये उपकरण तथा सेवाओं के निर्माण में भागीदारी से भारतीय कंपनियाँ न केवल घरेलू बाजार में लाभ कमा सकती हैं बल्कि वैश्विक बाज़ारों में भी पैठ बना सकती हैं। लेख पढ़ें »
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मिस्ड कॉल किया और चाय हाज़िर

January 4, 2009 | 2 Comments

image सेलफोन से चाय बेचते मंजूनाथ, बैकअप के अभाव में चौपट हुई कंपनी, शॉपिंग का विज्ञान, और भी बहुत कुछ, कड़ी की झड़ी में। लेख पढ़ें »
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खगोल विज्ञान से बढ़ेगी प्रगति

January 26, 2009 | Leave comment

image अंतर्राष्ट्रीय खगोल विज्ञान वर्ष 2009 के उपलक्ष्य में सामयिकी की विशेष श्रृंखला के पहले लेख में दक्षिण अफ्रीकी अंतरिक्ष वैज्ञानिक केविन्द्रन गोवेन्देर बता रहे हैं कि किस तरह खगोल विज्ञान का निर्धन राष्ट्रों में विकास एवं प्रसार उनकी सामाजिक-आर्थिक व्यवस्था के विकास में सहायक सिद्ध हो सकता है। लेख पढ़ें »
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और फिर, वे मुझे मारने आए

January 31, 2009 | 3 Comments

image श्रीलंका जैसे संघर्षरत देश में सच बोलने के खतरे जानते हुये भी कुछ पत्रकार अन्तरात्मा की पुकार पर कलम थामे हुये हैं। प्रस्तुत लेख द संडे लीडर के दिवंगत संपादक का अंतिम संपादकीय है जिसे उन्होंने अपनी हत्या किये जाने पर प्रकाशित करने का निर्देश दिया था। लेख पढ़ें »
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गैस आंदोलन ने दी अपारंपरिक शिक्षा

December 2, 2009 | 1 Comment

image भोपाल गैस त्रासदी के 25 वर्ष पर यूरिग सैनदरेट बता रहे हैं कि किस तरह से गरीब और निरीह जनता ने नित्य प्रति जीवन में दमन के प्रति पहले लचीलापन दिखाया और इसे प्रतिरोध तथा राजनैतिक प्रतिवाद में कैसे बदला। लेख पढ़ें »
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साबुनी रंगभूमि का रियैलिटी सम्मोहन

March 7, 2009 | 1 Comment

image दक्षिणी मुंबई की आलीशान इमारतों के बीच बसे इस साबुनी घाट में वो सारे तत्व हैं जो इस शहर को महानगर बनाते हैं। लेख पढ़ें »
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