अंतर्जाल

फ़ेसबुक का इंद्रासन हिलाने आया गूगल+?

इंटरनेट खोज, ईमेल, एप्स के बाद गूगल का नया बड़ा शगूफ़ा

ओरकुट की विफलता के बाद गूगल की फ़ेसबुक के समानांतर एक नये सोशल प्लेटफॉर्म के निर्माण के बारे में बता रहे हैं रविशंकर श्रीवास्तव।

Jul 1st 2011, 2

मैं चौबीसों घंटे लेखक ही होता हूँ

December 28, 2008 | 5 Comments

image भारतीय अंग्रेज़ी लेखक अल्ताफ टायरवाला से सामयिकी के संपादक मंडल के सदस्य डॉ सुनील दीपक की बातचीत लेख पढ़ें »
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रॉकमेल्ट ब्राउज़र : फ़ेसबुकिया वेब की पराकाष्ठा?

January 19, 2011 | 5 Comments

image सोशियल ब्राउज़र की शुरूआत मोजिल्ला आधारित फ्लॉक ब्राउज़र से हुई थी जिसमें ब्राउज़र में ही ब्लॉगिंग की तमाम सुविधाएँ मौजूद थी। सामयिकी संपादक रविशंकर श्रीवास्तव मानते हैं कि रॉकमेल्ट ब्राउज़र उससे भी एक कदम आगे है। लेख पढ़ें »
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नया तकनीकी विश्व रचेगा भारत

December 25, 2008 | 5 Comments

image इस उभरती दुनिया के लिये उपकरण तथा सेवाओं के निर्माण में भागीदारी से भारतीय कंपनियाँ न केवल घरेलू बाजार में लाभ कमा सकती हैं बल्कि वैश्विक बाज़ारों में भी पैठ बना सकती हैं। लेख पढ़ें »
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सर्वगुण संपन्न आटो सुंदरी

March 8, 2009 | Leave comment

image चिड़ियों ने चुराई आईसक्रीम, न्यूयॉर्क की महिला ने खोई अपनी पहचान और सचिन तेंदुलकर के बैग में क्या है। अंतर्जाल पर कहाँ और क्या क्या हो रहा है? जानिये हर इतवार सामयिकी पर। लेख पढ़ें »
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प्रायोगिक भौतिकी के जनक: गैलीलियो

February 8, 2009 | 2 Comments

image अंतर्राष्ट्रीय खगोलिकी वर्ष 2009 पर सामयिकी की विशेष शृंखला के द्वितीय लेख में नेहरू तारामण्डल, मुंबई के निदेशक पीयूष पाण्डेय आधुनिक प्रायोगिक विज्ञान के जन्मदाता गैलीलियो गैलिली को याद कर रहे हैं। लेख पढ़ें »
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और फिर, वे मुझे मारने आए

January 31, 2009 | 3 Comments

image श्रीलंका जैसे संघर्षरत देश में सच बोलने के खतरे जानते हुये भी कुछ पत्रकार अन्तरात्मा की पुकार पर कलम थामे हुये हैं। प्रस्तुत लेख द संडे लीडर के दिवंगत संपादक का अंतिम संपादकीय है जिसे उन्होंने अपनी हत्या किये जाने पर प्रकाशित करने का निर्देश दिया था। लेख पढ़ें »
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ग्रामीण भारत की बदलती नारी

December 28, 2009 | 3 Comments

image बीते 20 सालों में कुछ ग्रामीण औरतों ने घर के दायरे से बाहर निकल, पंचायती राजनीति में कदम रख ग्रामीण भारत को बदलने की कोशिश की है। उन्हीं की कथायें है "सरपंच साहिब" में। पढ़िये डॉ सुनील दीपक की समीक्षा। लेख पढ़ें »
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क्यों स्लमडॉग मिलियनेयर मुझे प्रभावित न कर सकी?

February 3, 2009 | 6 Comments

image गंदी बस्ती के एक लड़के की रंक से राजा बनने के कथा पर बनी डैनी बॉयल की फिल्म हिट बन चुकी है। सौतिक बिस्वास सवाल उठा रहे हैं कि क्या सचमुच ये फिल्म एक ''मास्टरपीस'' है, जैसा कि इसे बताया जा रहा है। लेख पढ़ें »
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साबुनी रंगभूमि का रियैलिटी सम्मोहन

March 7, 2009 | 1 Comment

image दक्षिणी मुंबई की आलीशान इमारतों के बीच बसे इस साबुनी घाट में वो सारे तत्व हैं जो इस शहर को महानगर बनाते हैं। लेख पढ़ें »
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