समाज

ग्रामीण भारत की बदलती नारी

हार्पर कॉलिंस द्वारा प्रकाशित "सरपंच साहिब ‍ चेंजिंग द फेस आफ इंडिया" की समीक्षा।

बीते 20 सालों में कुछ ग्रामीण औरतों ने घर के दायरे से बाहर निकल, पंचायती राजनीति में कदम रख ग्रामीण भारत को बदलने की कोशिश की है। उन्हीं की कथायें है “सरपंच साहिब” में। पढ़िये डॉ सुनील दीपक की समीक्षा।

Dec 28th 2009, 3

सलमान के कारण मेरा नाम याद रखते हैं

March 14, 2009 | 3 Comments

image कैलीफोर्निया निवासी बैंकर सलमान खान अपनी संस्था खान अकेडमी से इंटरनेट द्वारा मुफ्त शिक्षण उपलब्ध कराते हैं। सामयिकी के लिये डॉ सुनील दीपक ने उनसे बातचीत की। लेख पढ़ें »
बातचीत से अन्य आलेख »

दस चीजें जो विकिपीडिया नहीं है

January 6, 2009 | 3 Comments

image कुछ लोग विकिपीडिया की आत्मस्वीकृति के बावजूद इसमें लोकशाही की झलक देखते हैं तो कुछ यह मानते हैं कि लोकतंत्र के सिद्धांतों के विपरीत यहाँ बहुमत से काम नहीं होता। लेख पढ़ें »
अंतर्जाल से अन्य आलेख »

नया तकनीकी विश्व रचेगा भारत

December 25, 2008 | 5 Comments

image इस उभरती दुनिया के लिये उपकरण तथा सेवाओं के निर्माण में भागीदारी से भारतीय कंपनियाँ न केवल घरेलू बाजार में लाभ कमा सकती हैं बल्कि वैश्विक बाज़ारों में भी पैठ बना सकती हैं। लेख पढ़ें »
प्रौद्योगिकी से अन्य आलेख »

दर्पण मेरे यह तो बता

February 1, 2009 | 1 Comment

image NDTV ने ब्लॉगर पर डाली कानूनी नकेल, ग्लोबल वार्मिंग के घपले की कहानी और सोशियल मीडिया कंसल्टेंट ही नष्ट कर रहे हैं सोशियल मीडिया को? यह, और भी बहुत सारी इतवारी कड़ियाँ बतायें अंतर्जाल का हाल। लेख पढ़ें »
कड़ी की झड़ी से अन्य आलेख »

social RSS Feed Samayiki at Twitter Facebook page of Samayiki Google

प्रायोगिक भौतिकी के जनक: गैलीलियो

February 8, 2009 | 2 Comments

image अंतर्राष्ट्रीय खगोलिकी वर्ष 2009 पर सामयिकी की विशेष शृंखला के द्वितीय लेख में नेहरू तारामण्डल, मुंबई के निदेशक पीयूष पाण्डेय आधुनिक प्रायोगिक विज्ञान के जन्मदाता गैलीलियो गैलिली को याद कर रहे हैं। लेख पढ़ें »
विज्ञान से अन्य आलेख »

भइया नक्को, बहिनजी पाहिजे

January 7, 2009 | 5 Comments

image महाराष्ट्र की राजनीति में दलित मुद्दे का मराठी-गैर मराठी मुद्दे से महत्त्व कम नहीं है। बसपा यहाँ पवार, ठाकरे, चव्हाण जैसों का दबदबा खत्म कर सकती है। लेख पढ़ें »
राजनीति से अन्य आलेख »

बालिका वधु: नाटक द्वारा सच का सामना

September 9, 2009 | 1 Comment

image कुछ नेताओं की सोच के विपरीत संजय रानाडे मानते हैं कि यह दुर्लभ धारावाहिक बाल विवाह को "बढ़ावा" नहीं बल्कि मनोरंजन द्वारा दर्शकों को सामाजिक संघर्ष का बौद्धिक रूप से सामना करने की प्रेरणा दे रहा है। लेख पढ़ें »
समाज से अन्य आलेख »

क्यों स्लमडॉग मिलियनेयर मुझे प्रभावित न कर सकी?

February 3, 2009 | 6 Comments

image गंदी बस्ती के एक लड़के की रंक से राजा बनने के कथा पर बनी डैनी बॉयल की फिल्म हिट बन चुकी है। सौतिक बिस्वास सवाल उठा रहे हैं कि क्या सचमुच ये फिल्म एक ''मास्टरपीस'' है, जैसा कि इसे बताया जा रहा है। लेख पढ़ें »
सिनेमा से अन्य आलेख »

साबुनी रंगभूमि का रियैलिटी सम्मोहन

March 7, 2009 | 1 Comment

image दक्षिणी मुंबई की आलीशान इमारतों के बीच बसे इस साबुनी घाट में वो सारे तत्व हैं जो इस शहर को महानगर बनाते हैं। लेख पढ़ें »
चित्र कथ्य से अन्य आलेख »