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प्रिंट आन डिमांड से लेखक बने प्रकाशकपरंपरागत प्रकाशन के दिन लदे, अब चलेगी ईबुक्स और पीओडी की तकनीकप्रिंट आन डिमाँड सेवा द्वारा सेल्फ पब्लिशिंग अब केवल व्यक्तिगत वैनिटी प्रकाशन नहीं रहा। ईबुक्स के युग में अब प्रकाशक भी इस तकनीक का महत्व समझने लगे हैं। |
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सलमान के कारण मेरा नाम याद रखते हैं
Mar 14th 2009, 2 |
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सर्वगुण संपन्न आटो सुंदरी
Mar 8th 2009Comments Off |
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साबुनी रंगभूमि का रियैलिटी सम्मोहन
Mar 7th 2009, 1 |
प्रायोगिक भौतिकी के जनक: गैलीलियो
हिन्दी TTS: दृष्टिबाधितों हेतु तकनीकी वरदान
टेक्सट-टू-स्पीच जैसी सहायक तकनालाजी दृष्टिबाधितों के लिये कम्प्यूटर व इंटरनेट का इस्तेमाल आसान बना रही है। रवि रतलामी बता रहे हैं कि इनमें काफी अनुप्रयोग हिन्दी में भी उपलब्ध हैं। लेख पढ़ें »
भाषा पर इतिहास का बोझ ना डालें