Archive for September 2009

बालिका वधु: नाटक द्वारा सच का सामना


image कुछ नेताओं की सोच के विपरीत संजय रानाडे मानते हैं कि यह दुर्लभ धारावाहिक बाल विवाह को "बढ़ावा" नहीं बल्कि मनोरंजन द्वारा दर्शकों को सामाजिक संघर्ष का बौद्धिक रूप से सामना करने की प्रेरणा दे रहा है। »